Hindi Moral Story For Kids Lalchi Golgappe Wala | लालची गोलगप्पे वाला

हेलो दोस्तों Hindi Canvas मैं आप सब लोगों का स्वागत है। आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है लालची गोलगप्पे वाला । तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी Hindi Moral Story For Kids Lalchi Golgappe Wala | लालची गोलगप्पे वाला हिंदी मोरल स्टोरी

Hindi Moral Story For Kids Lalchi Golgappe Wala | लालची गोलगप्पे वाला

एक बार की बात है चुनीलाल नाम का एक व्यक्ति था। उसने पैसे कमाने के लिए बहुत से प्रयास की। जैसे कभी चूड़ियां बेचे, कभी खिलौने बेचे और कभी सब्जियां बेचि। लेकिन उसका कोई भी काम नहीं चला। फिर उसने गोलगप्पे बेचने का सोचा। और स्कूल के सामने जाकर गोलगप्पे बेचने लगा।

जैसे ही स्कूल टिफिन होती थी, तो बच्चे लोग उसके ठेले पर आकर गोलगप्पे खाते थे। वह गोलगप्पे बेचते हुए बच्चों के साथ बात करता था और उनके बारे में भी जान लेता था। रवि नाम का एक स्कूल का बच्चा जिसको गोलगप्पे खाने का बहुत शौक था। वह स्कूल की छुट्टी होने पर रोज उसके पास आकर गोलगप्पे खाता था।

वह गोलगप्पे वाला रोज रवि से बात करता और उसके और उसके परिवार के बारे में पूछता था। एक दिन उसने रवि के गले में सोने की चेन देखी। तोह चुन्नीलाल ने रवि से पूछा यह सोने की चैन तुम्हें किसने दी।

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रवि ने उसको बता दिया यह उसको उसके मम्मी ने दी है। चुन्नीलाल रवि की सोने की चेन देखकर लालच में आ गया। उसने उस दिन उसको बहुत सारे गोलगप्पे खिलाए। जब रवि उसको गोलगप्पे के ₹20 देने लगा, तोह चुन्नीलाल बोला तुमने ₹100 के गोलगप्पे खाए हैं।

रवि बोला मेरे पास तो इतना ही रुपया है। यह सुनकर चुन्नीलाल बोला कोई नहीं तुम यह अपनी सोने की चेन मुझे दे दो। रवि को सोने की चेन की कीमत का पता नहीं था। उसने वह चेन उतारकर चुन्नीलाल को दे दी। अगले दिन जब रवि की स्कूल की छुट्टी हुई तो रवि घर जाने लगा।

यह देखकर चुन्नीलाल ने उसको गोलगप्पे खाने को बोला। रवि ने बताया कि उसके पास पैसा नहीं है। रवि को उसके मम्मी ने पैसे नहीं दिए। यह सुनकर चुन्नीलाल रवि को भड़काने लगा। और बोला कि अगर तुम्हारी मम्मी तुम को पैसा नहीं देती तो तुम अपने घर से पैसे चुरा सकते हो।

जिससे तुम जितना चाहो उतना गोलगप्पे खा सकते हो। रवि के कोमल मन में यह बात बैठ गई और उसने अपने घर में चोरी करने की सोची। रवि अगले दिन घर के अलमारी से पैसे चुराने लगा। तभी रवि के मम्मी आ गई और उसको पैसे चुराते हुए देख लिया।

रवि की मम्मी ने उसको डांटा तो उसने बताया चुन्नीलाल गोलगप्पे वाले ने उसको चोरी करने को बोला था। सोने की चैन के बारे में भी उसने अपनी मम्मी को बताया। जिसे चुन्नीलाल ने ले लिया था। यह सुनकर रवि की मम्मी हैरान हो गई और उसने चुन्नीलाल को रंगे हाथों पकड़ने का सोचा।

अगले दिन रवि स्कूल की छुट्टी होने पर चुनीलाल के पास पहुंचा। तब चुन्नीलाल ने उससे पूछा कि क्या उसने घर में चोरी की। तब रवि ने उसको बोला कि उसने चोरी की और उसको ₹2000 का नोट दिखाया। जो चुन्नीलाल ने ले लिया उसको गोलगप्पे देने लगा। तभी रवि की मम्मी वाहा आ गई और उसने चुन्नीलाल को रंगे हाथों पकड़ लिया।

चुन्नीलाल बोहुत डर गया, उसने रवि की मम्मी को बोला कि वह पैसे और सोने की चैन लौटा देगा। लेकिन रवि की मम्मी ने उसको पुलिस के पास दे दिया। जिससे वह और किसी बच्चे के साथ ऐसा कर सकें।

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें लालच नहीं करना चाहिए। और बुरे काम का नतीजा बुरा ही होता है।

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