Inspirational Story in Hindi | बाप बेटे की कहानी

हेलो दोस्तों Hindi Canvas मैं आप सब लोगों का स्वागत है। आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है बाप बेटे की कहानी । तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी Inspirational Story in Hindi | बाप बेटे की कहानी

यह कहानी है एक ऐसे इंसान की जो रोज पेंटिंग बनाता था। और रोज के रोज उसे बाजार में बेचने चला जाता था। वह अपनी एक पेंटिंग को ₹700 में बेच कर आता था। और ऐसे करके वह हर महीने ₹21000 कमा लेता था।

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Inspirational Story in Hindi | बाप बेटे की कहानी

उसका गुजारा अच्छे से चल रहा था। और ऐसे करते करते उसे कई साल निकल गए। अब उनकी Age इतनी हो चुकी थी कि वह पेंटिंग करना उनके लिए मुश्किल हो गया। और इसी वजह से पेंटिंग करते वक्त उनके हाथ कांपने लगते थे। Motivational Story in Hindi

उनका एक बेटा था जो अब बड़ा हो चुका था।उसने सोचा कि अपने इस पेंटिंग के हुनर को अपने बेटे को सिखा दो। जैसे मुझे अपने पिताजी ने सिखाया था। फिर उसने अपने बेटे को पेंटिंग सिखाना शुरू कर दिया।

और कहा कि बेटा मेरी उम्र हो गई है, अब से पेंटिंग तू करेगा। और पेंटिंग कैसे करनी है मै तुझे सिखाऊंगा। जैसे मुझे मेरे पिताजी अर्थात तेरे दादाजी ने मुझे सिखाया था। फिर उसने अपने बेटे को पेंटिंग सिखाना शुरू किया।

की पेंटिंग कैसे होनी चाहिए, उसमें कलर कैसे बढ़ते हैं, कलर मिक्सिंग कैसे करते हैं, पेंटिंग को अच्छे दामों में बेचते कैसे हैं। जब उसके बेटे ने पेंटिंग बनाना सीख लिया तो उसने अपनी पहली पेंटिंग बनाई और मार्केट में चला गया उसे बेचने के लिए।

वह उसे ₹200 में बेच कर घर आया और अपने पिताजी को बताया तो उसके पिताजी बहुत खुशी हुए। कि उसके बेटे ने अपनी पहली पेंटिंग ₹200 में बेची। लेकिन उसका बेटा खुश नहीं था। उसने अपने पिताजी से कहा कि पिता जी आप तो अपनी पेंटिंग को ₹700 में बेच देते थे।

लेकिन मेरी पेंटिंग सिर्फ ₹200 में बिकी, मुझे और सिखाओ जिससे मैं पेंटिंग को अच्छे दामों में बेच सकूं। उसके पिताजी ने उसे और सिखाया। थोड़ा और सीखने के बाद उसने अपनी दूसरी पेंटिंग बनाई और मार्केट में चला गया उसे बेचने के लिए। इस बार पेंटिंग ₹400 में बिकी।

लेकिन वह अभी भी खुश नहीं था। उसने पिताजी को बोला कि पिताजी मुझे और सिखाओ। जरूर आपको कुछ ऐसा पता है जो मुझे पता नहीं है। उसके पिताजी ने उसे और सिखाया। थोड़ा और ट्रेन किया, उसके बाद उसने अपनी तीसरी पेंटिंग बनाई।

इस बार पेंटिंग ₹600 में बिकी। लेकिन लड़का फिर भी मायूस था। इसलिए वह लड़का अपने पिताजी को बोला कि पिताजी आपकी पेंटिंग तो ₹700 में बिकती थी, जरूर मेरी पेंटिंग में अभी भी कुछ कमी है। अभी भी आपको पेंटिंग के बारे में कुछ ऐसा पता है जो मुझे पता नहीं है।

मुझे थोड़ा और सिखाओ, उसके पिताजी ने कहा कि बेटा मायूस मत होना। मैं तुम्हें हमेशा सिखाता रहूंगा। और देखना इस बार तुम्हारी पेंटिंग और अच्छे दामों में बिकेंगे। थोड़ा और सीखने के बाद उसने अपनी चौथी पेंटिंग बनाई।

और बेचने के लिए मार्केट चला गया। जब वह शाम को घर लौटा तो वह पहली बार बहुत खुश था। क्योंकि इस बार उसकी पेंटिंग ₹1000 में बिकी थी। उसके पिताजी भी बहुत खुश हुए और बोला कि मुझे खुशी हुई कि तुम्हारी पेंटिंग ₹1000 में बिका।

अब मैं तुम्हें सिखाऊंगा की पेंटिंग को ₹1500 में कैसे बेचते हैं। उसके के बेटे ने कहा पिताजी बस करो अब आप मुझे नहीं सिखा सकते। क्योंकि मैं अपनी पेंटिंग को ₹1000 में बेच कर आया हूं। और आपकी पेंटिंग तो कभी ₹700 से ज्यादा की बिकी नहीं। और आप मुझे सिखाओगे की ₹1500 में पेंटिंग कैसे बेचते हैं।

तो उसके पिताजी ने कहा कि बेटा अब तेरी पेंटिंग हजार रुपए से ज्यादा कि कभी नहीं बिक पाएगी। क्योंकि अब तेरा सीखना बंद हो गया है। जब मैं अपने पिताजी से सीख रहा था तब वह अपनी पेंटिंग ₹500 में बेच दिया करते थे।

एक दिन मैंने अपनी पेंटिंग ₹700 की बेची और मैंने भी वह गलती किया जो आज तू कर रहा है। मैंने भी सीखना बंद कर दिया था। और उस दिन के बाद से मेरी पेंटिंग कभी भी ₹700 की ज्यादा कि नहीं विकी। क्योंकि मैंने भी अपने पिताजी को यही बोला था और सीखना बंद कर दिया था।

मेरे अंदर भी अहंकार आ गया था। जिसने मुझे कभी आगे नहीं बढ़ने दिया। इसलिए कभी भी सीखना बंद नहीं करना चाहिए। इंसान छोटा हो या बड़ा बच्चा हो या बुजुर्ग अगर उनसे कुछ सीखने को मिलता है तो जरूर सीखना चाहिए।

Inspirational Story in Hindi For Students

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