Mother Heart Touching Story in Hindi | माँ-बेटे की दिल छूने वाली कहानी

हेलो दोस्तों Hindi Canvas मैं आप सब लोगों का स्वागत है। आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है माँ-बेटे की दिल छूने वाली कहानी । तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी Mother Heart Touching Story in Hindi | माँ-बेटे की दिल छूने वाली कहानी

Mother Heart Touching Story in Hindi | माँ-बेटे की दिल छूने वाली कहानी

हाथी घोड़ा गाड़ी मैंने जो कुछ मांगा वह आदेश समझ कर दिला देती थी, मुझे राजा मानती थी, हालात बुरे थे लेकिन रखती थी अमीर बनाकर। हम गरीब थे यह सिर्फ मेरी मां जानती थी।

आज की यह कहानी सुनने के बाद आपकी आंखों में आंसू आए या ना आए लेकिन आप अंदर से जरूर दोगे।

एक मां ने एक बच्चे को जन्म दिया। जब वह बच्चा 2 महीने का था तो उसके पापा की मौत हो गई। वह बच्चा अपनी मां के साथ ही रहता था उसकी मां की आंख नहीं थी। इसलिए वह थोड़ी बदसूरत दिखती थी।

वह बच्चा जब चार-पांच साल का था तो अपनी मां से बहुत प्यार करता था। वह कई बार पूछता था कि मा आपकी आंख क्यों नहीं है। और उसकी मां जवाब देती थी कि बेटा यह आंख मेरे जन्म से ही नहीं है।

वह बच्चा जब थोड़ा बड़ा हुआ तो उसे महसूस होने लगा कि उसकी मां की शक्ल अच्छा नहीं है। उसे अपनी मां के साथ बाहर जाने में शर्म आने लगी। इसलिए कभी स्कूल की पेरेंट्स मीटिंग में भी वह बच्चा अपनी मां को कभी साथ लेकर नहीं गया।

यह सोच कर कि उसके दोस्त उसका मजाक बनाएंगे। वह अपनी मां से ढंग से बात भी नहीं करता था। हमेशा अपनी मां को गुस्से से ही देखता था उसकी मां उसके इस सोच की वजह से बहुत दुखी होती थी।

लेकिन उस मां ने कभी अपने बेटे को किसी चीज की कमी नहीं होने दी। वक्त के साथ-साथ जब उसका बेटा थोड़ा और बड़ा हुआ तो वह अपनी मां की शक्ल का मजाक बनाने लगा। और उस शक्ल की वजह से वह अपनी मां को रोज तरह तरह की बातें सुनाने लगा।

Mother Heart Touching Story in Hindi

उसके बिना कुछ कहे चुपचाप उसे बर्दाश्त करती हो और अंदर ही अंदर रोती रहती। कुछ दिनों बाद उस लड़के की शादी हो गई। शादी के बाद उसकी बीवी भी उसे बोलने लगी कि तुम्हारी मां की शक्ल अच्छी नहीं है, मुझे अच्छा नहीं लगता इनके साथ रहना।

शादी के कुछ दिन बाद ही उस बेटे ने अपनी मां को घर से बाहर निकाल दिया। उसकी मां कहीं दूसरी जगह जाकर अकेली रहने लगी और बड़ी मुश्किल से अपनी जिंदगी गुजार रही थी। कुछ महीने निकले और उसके बेटे का जन्मदिन आ गया।

उस मां को अपने बेटे का जन्मदिन अच्छे से याद था। एक चिट्ठी और एक फूल लेकर वह अपने बेटे के घर की तरफ चल पड़ी। घर पहुंच कर उसने दरवाजा खटखटाया तो उसके बेटे ने आकर दरवाज़ा खोला। उसकी मां ने देखा कि अंदर पार्टी चल रही थी।

लेकिन उसने अपने बेटे को चिट्ठी और फूल दिया और जन्मदिन की शुभकामनाएं देकर दरवाजे से ही चली गई। यह सोच कर कि अगर मैं अंदर गई तो मेरे बेटे की बेज्जती होगी। उसके बेटे ने भी अपनी मां को इसलिए अंदर नहीं बुलाया था कि उसकी बेइज्जती ना हो।

उसके बेटे ने अंदर जाकर वह फूल रखा और चिट्ठी खोलकर पढ़ने लगा। उसमें कुछ यू लिक्खा था ” बेटा मैं जानती हु कि मेरी एक आंख नहीं है इसलिए मैं बदसूरत दिखती हू, क्या तुम्हें याद है जब तुम छोटे थे तो मुझसे पूछा करते थे कि मां आप की एक आंख क्यों नहीं है ? और मैं यही कहती थी कि बेटा मेरा यह आंख जन्म से ही नहीं है।”

बेटा उस वक्त मैं तुम्हें झूठ बोलती थी लेकिन अब तुम्हारे जन्मदिन पर नहीं सच बता रही हूं।
जब तुम 6 महिने के थे तो एक बार तुम अपने बिस्तर से नीचे गिर गए। नीचे तुम्हारे खिलौने पड़े थे उनमें से एक खिलौना तुम्हारी आंख में लगा।

मैं तुम्हें तुरंत हॉस्पिटल ले गई लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि इसकी यह आंख खराब हो चुकी हैं। अब सिर्फ़ इसका एक ही हाल है कि कोई एसे अपनी एक आंख डोनेट कर दे। मैंने तुरंत डॉक्टर से कहा कि मेरी एक आंख निकाल कर मेरे बेटे को लगा दो। उस दिन मेरी एक आंख निकाल कर तुम्हें लगा दी गई। और उसी दिन से मेरी एक आंख नहीं है। इसलिए मैं बदसूरत दिखती हूं।

मैने तुम पर कोई एहसान नहीं किया लेकिन मैं तुम्हें एक बात जरुर कहना चाहूंगी। कि बेटा मां बदसूरत तो हो सकती है लेकिन वह कभी बुरी नहीं हो सकती। बेटा चाहे कितना ही बुरा क्यों ना हो लेकिन एक मां अपने बेटे के लिए अपनी जान भी दे सकती है। दोस्तों कुछ भी करना लेकिन कभी अपनी मां का दिल मत दुखाना।

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