गुलाम कि सीख एक Motivational Story in Hindi

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Motivational Story in Hindi | गुलाम कि सीख
Motivational Story in Hindi | गुलाम कि सीख

हेलो दोस्तों Hindi Canvas मैं आप सब लोगों का स्वागत है। दोस्तों, आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है Slave learning (गुलाम कि सीख) । यह एक Motivational Story in Hindi का कहानी है….आशा करता हूं कि आपको बेहद पसंद आयेगा। तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी Slave learning | गुलाम कि सीख | Motivational Story in Hindi.

गुलाम कि सीख एक Motivational Story in Hindi

दास प्रथा के दिनों में एक जमीनदार के पास अनेक गुलाम हुआ करते थे। उन्हीं में से एक था लुकमान। लुकमान था तो सिर्फ एक गुलाम लेकिन वह बड़ा ही चतुर और बुद्धिमान था। उसकी ख्याति दूरदराज के इलाकों में फैलने लगी थी।

एकदिन इस बात की खबर जमीनदार को लगी और फिर जमीनदार ने लुकमान को बुलाया और कहा सुनते हैं कि तुम बहुत बुद्धिमान हो मैं तुम्हारी बुद्धिमानी की परीक्षा लेना चाहता हूं। अगर तुम परीक्षा में पास हो गए तो तुम्हें गुलामी से मुक्ति मिल जाएगी।

यह बोलने के बाद मालिक ने कहा:- अच्छा जाओ एक मरे हुए बकरे को काटो और उसका जो हिस्सा बढ़िया हो उसे ले आओ। लोकमान ने आदेश का पालन किया और मरे हुए बकरे की जीव लाकर मालिक के सामने रख दी।

जब मालिक ने लोकमान से पूछा की तुम इस बकरे का जीव ही क्यों लाए हो, लोकमान इसके उत्तर देते हुए कहा अगर शरीर में जीव अच्छे हो तो सब अच्छा होता है। अब लोकमान की मालिक ने कहा:- अच्छा अब इसे उठा ले जाओ और इस बकरे का जो हिस्सा बुरा है उसे लेकर आओ।

उसके बाद लोकमान बाहर गया और थोड़ी ही देर में उसी जीभ को लाकर मालिक के सामने रख दिया। फिर से मालिक ने जब पूछा की क्यों तुम फिर यह जीभ लेकर आए हो तो लोकमान ने कहा कि जीभ अच्छा नहीं है तो सब बुरा ही बुरा है।

लोकमान ने आगे कहा कि मालिक वाणी तो सभी के पास जन्मजात होती है परन्तु बोलना किसी किसी कोही आता है।क्या बोले,कैसे सब्द बोले,कब बोले इस एक कला को बहुत ही कम लोग जानते हैं।

एक बात से प्रेम झरता है और दूसरी बात से झगड़ा होता है। कर्वी बातों ने संसार में ना जाने कितने झगरा पैदा किया है। इस जीभ ने दुनिया मे बड़े बड़े केहर लई है। जीभ ३ इंच का वह हातियार है जिससे कि इंसान ६ फिट का आदमी को भी मार सकता है। तो कोई मरते हुए इंसान मै भी प्राण फुक सकता है।

संसार के सभी प्राणियों में वाणी का वरदान सिर्फ इंसान को ही मिला है। उसके सदुपयोग से स्वर्ग पृथ्वी पर भी उतर सकता है और दुरुपयोग से स्वर्ग भी नरक में बदल सकता है।

महाभारत का युद्ध बानी के गलत प्रयोग का ही परिणाम था। मालिक लोकमान की बुद्धिमानी और चतुराई सुनके बहुत ही प्रसन्न हुए। आज उनके गुलाम ने उन्हें बहुत बड़ी सीख दी थी। और फिर उन्होंने लोकमान को आजाद कर दिया।

दोस्तों मधुर वाणी वरदान है जो हमें लोकप्रिय बनाती है वही कर्कश या तीखी बोली हमारे लोकप्रियता को कम करता है और हमारे प्रतिष्ठा को कम करती है। आपकी वाणी आपके व्यक्तित्व का प्रतिबिंब है। उससे अच्छा होना ही चाहिए।

तो दोस्तों अगर आपको यह कहानी अच्छा लगा तो अपने दोस्त के साथ या फिर परिवार के साथ शेयर कीजिए और नीचे कमेंट में लिखिए कि आपको और किस तरह का कहानी चाहिए।

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