Rose Blumkin Success Story in Hindi | Success Businessman Story in Hindi

हेलो दोस्तों Hindi Canvas मैं आप सब लोगों का स्वागत है। आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है Rose Blumkin Success Story in Hindi । तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी Rose Blumkin Success Story in Hindi | Success Businessman Story in Hindi.

Rose Blumkin Success Story in Hindi

सफलता की कोई उम्र नहीं होती। इतिहास गवाह है कि इतिहास रचने वाले लोग कभी अपनी उम्र नहीं देखा करते। यह हर वक्त इतिहास रचने की कोशिश में रहते हैं, फिर चाहे वो 13 साल का तिलक मेहता हो या 30 साल का त्रिशनीत अरोरा। जिन्होंने इतनी कम उम्र में अपनी सफलता से इस दुनिया को चौंका दिया।

और ऐसे ही एक सक्सेस स्टोरी आज मैं आपके साथ शेयर करने वाला हूं। जिसे सुनकर आपके अंदर एक जबरदस्त आग लगने वाली है। Motivational Story in Hindi.

यह कहानी है अमेरिका के सबसे बड़े फर्नीचर मार्ट की फाउंडर मिसस रोज की। 13 साल की थी किसी करोनो की वजह से उन्हें अमेरिका जाना पड़ा। उन्हें इंग्लिश नहीं आती थी इसलिए उन्हें वहां के लोगों से बात करने में मुश्किल होती थी। 13 साल की उम्र से 38 साल की उम्र तक पूरे 25 साल उन्होंने वहां पर एक किराना की दुकान में काम करके निकले।

वह ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं थी लेकिन इस 25 सालों में वह टूटी फूटी इंग्लिश बोलने लगी थी। जब उनके पास थोड़े पैसे जमा हो गए, तब उन्होंने सोचा क्यों ना खुद का एक फर्नीचर स्टोर खोल दिया जाए। और फिर उन्होंने अपनी 25 साल की जितनी भी जमा पूंजी थी सब फर्नीचर स्टोर को खोलने में लगा दी।

लेकिन उनका एक ही टारगेट था कि, मुझे अच्छे से अच्छा फर्नीचर कम से कम दामों में लोगों को प्रोवाइड करवाना है। जब लोगों को पता चला कि इस दुकान में अच्छा और सबसे कम दाम में फर्नीचर मिलता है, तो वहां पर लोगों की भीर जमा होना शुरू हो गई।

लेकिन रुकावट दो तब आना शुरू होता है जब अमेरिका के बड़े फर्नीचर स्टोर्स की मालिकों को पता चलता है, कोई उनसे अच्छा और सस्ता फर्नीचर मार्केट में बेच रहा है। और इसकी वजह से उनको बिजनेस में काफी लोस हो रहा है।

तो फिर वह लोग उन फर्नीचर सप्लायर्स से कांटेक्ट करते हैं जो कि मिसेस रोज को फर्नीचर्स दिया करते थे। और बोलते हैं कि अगर आपने मीसस रोज को फर्नीचर सप्लाई किया तो हम आपसे सामान खरीदना बंद कर देंगे। और मजबूरी में सप्लायर्स मीसस रोज को फर्नीचर सप्लाई करना बंद कर देते हैं।

दोस्तो ऐसे वक्त पर उनके पास भी एक बहाना था जो वह खुदसे लगा सकती थी, और अपना स्टोर बंद कर सकती थी। लेकिन कहते हैं ना अगर कुछ बड़ा करना है तो बहनों को लात मारने पड़ती है। और ऐसा ही कुछ मीसस रोज ने किया। उन्होंने दूसरे स्टेट से फर्नीचर मंगाना शुरू कर दिया।

और अभी भी वह लोगों को अच्छा और सस्ता फर्नीचर प्रोवाइड करवा रही थी। ऐसे में बड़े फर्नीचर स्टोर्स भी अब कुछ नहीं कर सकते थे। मीसस रोज का फर्नीचर मार्ट धीरे-धीरे बड़ा होता चला गया। हर सिटी हर स्टेट में मीसस रोज के फर्नीचर स्टोर्स होने लगे।

और दोस्तों अगले 30 सालों में यह अमेरिका का सबसे बड़ा फर्नीचर मार्केट बन गया। और मीसस रोज मल्टी मिलेनियर बिजनेस वूमेन बन गई। लेकिन 90 साल की उम्र में मीसस रोज उम्र के कारण बिजनेस को अपने पोते को दे दिया। और बोला कि अब इसे तुम संभालोगे। अब मीसस रोज कभी कबार स्टरे पे आने लगी। यह देखने के लिए कि सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं।

Success Businessman Story in Hindi

लेकिन उनके पोतो को यह सब अच्छा नहीं लगता था। और उन्होंने 95 साल की उम्र में ही अपनी दादी को, जो इस बिजनेस की फाउंडर थी उन्हें इस बिजने से बेदखल कर दिया। लेकिन मीसस रोज अभी भी नहीं रुकी।

और 96 साल की उम्र में उन्होंने अपनी ही फर्नीचर स्टोर जो उनके पोतों ने छीन लिया था, उसी के सामने दूसरा फर्नीचर स्टोर को ओपन कर दिया। और फिर से उनके साथ वही हुआ जो उनके साथ 56 साल पहले हुआ था। लेकिन इस बार उनके कंपटीशन थे उनके ही पोते।

जिन्होंने पूरे अमेरिका के फर्नीचर्स सप्लायर को बोल दिया अगर कोई मीसस रोज को फर्नीचर्स सप्लाई करेंगे तो हम उससे फर्नीचर्स नहीं खरीदेंगे। लेकिन मैसेज रोज कहां रुकने वाली थी। उन्होंने इस्बार दूसरे कंट्री से फर्नीचर मंगाना शुरू कर दिया। और फिर से अच्छी सर्विसेस देने लगी।

और 4 साल के अंदर ही उन्होंने अपने नए स्टोर को इतना बड़ा कर दिया कि उनके पुराने स्टोर में फर्नीचर्स की सेल्स घटने लगी। और जब वह 100 साल की थी तब उनके पोतों ने उनसे माफी मांगी। और बोला कि हम यह दोनों स्टार्स को मिला देते हैं। और इसके मालिक आप ही रहोगे।

दोस्तों 104 साल की उम्र तक, अपनी मरने से पहले तक मीसस रोज ने अपने बिजनेस को संभाला। 40-50 की उम्र में आते आते लोग यह सोचने लग जाते हैं कि अब हमारी उम्र निकल गई अब कुछ नहीं हो सकता। लेकिन 96 साल की उम्र में भी मीसस रोज ने बिज़नेस खड़ा करके पूरे अमेरिका को चौका दिया।

इसलिए अपनी उम्र पर नहीं अपने टारगेट पर ध्यान दीजिए।

दोस्तों अगर आप लोगों को यह कहानी Rose Blumkin Success Story in Hindi अच्छे लगे तो अपने परिवार के साथ और दोस्तों के साथ शेयर कीजिए और कमेंट में बोलिए कि आपको और किस तरह का कहानी चाहिए।

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