Short Motivational Story in Hindi for Success | बाप बेटे की प्रेरक कहानी

हेलो दोस्तों Hindi Canvas मैं आप सब लोगों का स्वागत है। आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है बाप बेटे की प्रेरक कहानी । तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी Short Motivational Story in Hindi for Success | बाप बेटे की प्रेरक कहानी

Short Motivational Story in Hindi for Success | बाप बेटे की प्रेरक कहानी

एक मिडिल क्लास फैमिली का लड़का जब उसके पापा घर पर होती है तब वह खूब पढ़ाई करता था। लेकिन जब उसके पापा घर से बाहर होते हैं तब वह अपने दोस्तों के साथ खूब मस्ती करता या फिर मोबाइल पर ही खराब कर देता था।

उसके पापा को लगता था कि उसका बेटा खूब पढ़ाई करता है। लेकिन जब एग्जाम का रिजल्ट आता तो उसके मार्क्स हमेशा कम आते थे।उसके पिताजी को लगा कि शायद स्कूल में टीचर अच्छे नहीं होंगे। इसलिए उन्होंने अपने बेटे का स्कूल भी चेंज कर दिया। लेकिन रिजल्ट फिर भी वैसा ही मिला।

उस लड़के ने 12th पास करने के बाद अपनी ग्रेजुएशन कंप्लीट की लेकिन रिजल्ट अच्छा नहीं होने की वजह से उसका किसी भी कंपनी में प्लेसमेंट नहीं मिला। उस लड़के ने गोरमेंट की तैयारी शुरू की। लेकिन यहां भी कई बार कोशिश करने के बाद उसे जॉब नहीं मिली।

इसके पापा उस लड़के की पढ़ाई में ऑलरेडी बहुत सारे पैसे लगा चुके थे। अब उनको भी यह चिंता खाने लगी कि उनके बेटे को कहीं भी सफलता क्यों नहीं मिल रही है। और इसलिए वह अपने बेटे को लेकर एक साधु महात्मा के पास गए। वह साधु थोड़ा चमत्कारी था।

उस साधु के पास जो भी जाता था वह हंड्रेड परसेंट अपने प्रॉब्लम का सॉल्यूशन लेकर ही लौटता था। वह व्यक्ति उस साधु के पास जाकर बोला कि महात्मा जी मेरा बेटा किसी भी काम में सफल नहीं हो पा रहा है। आप इसका कोई उपाय बताइए।

वह साधु महात्मा उसके बेटे का हाथ देखते हैं और बोलते हैं कि इस समस्या का समाधान तो हो जाएगा। लेकिन उससे पहले आपके बेटे को मेरे साथ उस सामने देख रही उस नदी में तीन बार डुबकी लगानी पड़ेगी। यह सुनकर पास बैठा उस आदमी का बेटा बोलता है कि महात्मा जी बस इतना सा काम, चलो अभी नदी में डुबकी लगा कर आते हैं।

Motivational Story in Hindi for Success

वह व्यक्ति, उसका बेटा और साधु तीनों उस नदी की तरफ चल देते हैं। और नदी के पास पहुंचकर वह लड़का और साधु दोनो नदी में उतरते हैं। यह सब दृश्य उस लड़के के पिताजी किनारे से देखते हैं। साधु और वह लड़का नदी में इतना अंदर तक चले जाते हैं कि पानी उनकी गर्दन तक आने लगता है।

और फिर वह लड़का पहली डुबकी लगाता है। कुछ सेकंड बाद वह दूसरी डुबकी की लगाता है। लेकिन जैसे ही तीसरे डुबकी लगाते हैं, वह साधु महात्मा उस लड़के को कस के पकड़ लेते हैं।

और उसके सिर को पानी से बाहर आने से रोकते हैं सांस नहीं ले पाने की वजह से वह लड़का जोर जोर से हाथ पैर हिलाने लगता है। वह लड़का पानी से बाहर आने की पूरी कोशिश करता है। यह नजारा देखकर उस लड़के के पिताजी उसे बचाने के लिए तुरंत नदी में कूद जाते हैं।

लेकिन इतनी देर में वह लड़का किसी तरह साधु को धक्का देकर पानी से बाहर आता है। और जोर-जोर से सांस लेने लगता है। उसके पिताजी उसे बाहर लेकर आते हैं। तो वह लड़का साधु के ऊपर चिल्लाने लगते हैं।

लेकिन वह साधु महात्मा उस लड़के को जवाब देते हैं, की बेटा तुमने सफल होने के लिए जितनी मेहनत की जरूरत थी उत्नी कभी की ही नहीं। जब तुम पानी के अंदर थे उस वक्त तुम्हारे लिए सबसे ज्यादा जरूरी चीज थी सांस लेना। उसके लिए तुमने अपनी जी-जान लगा दी।

मुझे धक्का दिया और पानी से बाहर आ गए और तुम्हें सफलता मिल गई। क्योंकि उस वक्त पानी से बाहर आकर सांस लेना ही तुम्हारे लिए सफलता थी। ठीक उसी तरह अगर तुम अपने काम में भी जी जान लगाकर मेहनत करोगे तोह तुम्हें सफलता जरूर मिलेगी।

दोस्तो असल में देखा जाए तो यह कहानी उस लड़के की नहीं बल्कि परसेंट 95% लोगों की है। हम जी जान लगाकर कभी इतना मेहनत करते ही नहीं जितना हमें सफल होने के लिए चाहिए होती है। इसलिए दोस्तो जो भी आपका लक्ष्य है उसके लिए जी जान लगा दो। जब तक वह लक्ष्य आपको प्राप्त नहीं हो जाता।

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