Father Sacrifice Short Story Hindi | पिता का बलिदान हिंदी मोरल स्टोरी

हेलो दोस्तों Hindi Canvas मैं आप सब लोगों का स्वागत है। आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है पिता का बलिदान । तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी Father Sacrifice Short Story Hindi | पिता का बलिदान हिंदी मोरल स्टोरी

Father Sacrifice Short Story Hindi | पिता का बलिदान हिंदी मोरल स्टोरी

आज की हमारी कहानी है पिता का बलिदान। मोहित अपने पिता के साथ बाजार में था, मोहित के पिता बाजार में घर के सामान के लिए खरीदारी कर रहे थे। जब मोहित के पिता सामान लेकर बिल देने गए तब मोहित ने कहा, पापा मुझे एक चॉकलेट खरीदकर दो। उसके पिता ने दुकानदार को एक चॉकलेट देने को कहा।

तभी मोहित ने पिता को फिर कहा पापा एक और चॉकलेट लेनी है। उसके पिता ने हंसते हुए दोनों चॉकलेट मोहित को दे दी। मोहित के चेहरे की मुस्कान देखकर उसके पिता भी खुश हो रहे थे। घर आते ही मोहित भागते हुए अपने मम्मी के पास गया और कहां मम्मी देखो आज मैं तुम्हारे लिए चॉकलेट ले कर आया हूं। मोहित ने एक चॉकलेट अपनी मम्मी को दी और एक चॉकलेट अपने पास रख ली।

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वह चॉकलेट उसकी मम्मी को भी अच्छी लगती थी। इसलिए उसकी मां भी खुश हो गई। मोहित और उसकी मां बहुत खुश लग रहे थे। मोहित की मां ने उसे खूब प्यार किया और कहा मेरा राजा बेटा मेरा कितना ख्याल रखता है। तभी मोहित की मम्मी ने अपने पति यानी कि मोहित के पापा को टोकते हुए कहा देखो तुम्हारा बेटा यह तक जानता है कि मुझे क्या पसंद है।

लेकिन तुम्हें नहीं पता। मोहित के पिता ने अपना एक हाथ अपनी पेंट की जेब में डाला हुआ था। क्योंकि एक चॉकलेट अलग से उन्होंने मोहित की मम्मी के लिए भी लाए थे। लेकिन उन्होंने चॉकलेट निकाली नहीं। क्योंकि वह मोहित और उसकी मां की प्यार को वहां खड़े महसूस कर रहे थे।

और उन्हें यह देखकर बड़ा सुकून मिल रहा था। ऐसा अक्सर हम अपने घर में देखते हैं बच्चे का लगाओ और प्यार ज्यादातर मां के प्रति होता है। पिता अपने कामकाज और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में लगा होता है। और इसीलिए वह अपने बच्चों को ज्यादा वक्त नहीं दे पाता।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह अपने परिवार से प्यार नहीं करता। पिता ज्यादातर अपने प्यार को जताते नहीं है। और मां हर वक्त अपने बच्चों को प्यार देती है। किसी ने बिल्कुल सही कहा है कि मां तो 9 महीने बच्चों को अपने पेट में रखती है लेकिन एक पिता पूरी उमर अपने बच्चों का ख्याल अपने दिमाग में रखता है।

पिता कभी यह नहीं जताता कि वह अपने बच्चों से कितना प्यार करता है। लेकिन पूरी उम्र अपने बच्चों की ख्वाइश है और जीत को पूरी करने की कोशिश करता है। हमारे समाज में मां की ममता के तो बहुत तारीफ होती है और होनी भी चाहिए। लेकिन पिता के बलिदान और प्यार को भी अगर थोड़ी तवज्जो मिल जाए तो क्या बात।

तो दोस्तों अगर यह कहानी आप लोगों को अच्छा लगा तो अपने दोस्त के साथ और परिवार के साथ शेयर कीजिए और हमारे इस ब्लॉग को बुकमार्क करके रखें। और नीचे कमेंट में बताइए की आप लोगों को और किस तरह का कहानी चाहिए।

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